छत्तीसगढ़ – बदल सकता है मौसम का मिजाज, मानसून सक्रिय आसमान में काली घटाएं उमड़ने लगी हैं।

मौसम समाचार
Share with Social Media

सावन अपने पूरे शबाब पर होगा। गुरुवार से बादलों में हलचल शुरू हो गई है। मौसम विभाग की मानें तो अब एक बार फिर झड़ी जैसी स्थिति बन सकती है। 16 जुलाई के बाद वर्षा तेज होगी। सावन का आनंद लाजवाब हो सकता है। मानसून सक्रिय हो चुका है। आसमान में काली घटाएं उमड़ने लगी हैं।

गुरुवार की सुबह भी कहीं-कहीं रिमझिम फुहारें चलीं। दिनभर सूर्य और बादलों के बीच लुकाछिपी का खेल चला। ऐसा लगा मानों कुछ कहता है ये सावन। मौसम वेधशाला के मौसम विज्ञानी डा. एचपी चंद्रा के मुताबिक मानसून द्रोणिका माध्य समुद्र तल पर जैसलमेर, दिल्ली, लखनऊ, मुजफ्फरपुर, बालूरघाट और उसके बाद उत्तर पूर्व की ओर अरुणाचल प्रदेश तक स्थित है।

एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण उत्तर प्रदेश के मध्य भाग में 3.1 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में 14 जुलाई को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात भी होने की संभावना है। अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। बता दें कि वातावरण में इन दिनों उमस बढ़ चुका है। इसके कारण आमजन परेशान है। शहर में खंड वर्षा जैसी स्थिति बनी हुई है।

वर्षा गतिविधियों में आएगी तेजी

प्रदेश में 16 जुलाई से वर्षा की गतिविधि में वृद्धि होने की संभावना है। वर्षा की गतिविधि बस्तर संभाग से प्रारंभ होते हुए प्रदेश के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना है। फिलहाल उमस से सभी हलकान है। बिलासपुर समेत पहाड़ी क्षेत्र पेंड्रारोड में भी एकसमान स्थिति बनी हुई है। यहां भी वर्षा में कमी दर्ज की गई है।

मौसम में बदलाव की आहट

मिलेगी राहत मौसम विशेषज्ञ सिराज खान की मानें 16 जुलाई को एक साइक्लोनिक सकुर्लशन उत्तर-पश्चिम में बनने की संभावना है। 20 तक इसका केंद्र का दाब कम होगा। इसकी ऊंचाई में 5.8 किमी से 7.6 किमी उंचाई तक बढ़ने की संभावना है। यह दक्षिण पश्चिम की तरफ़ झुका हुआ होगा। इसकी ऊंचाई छत्तीसगढ के उर्वाधर होगा। 20 जुलाई को यह भुवनेश्वर से जमीन पर आएगा।

इसके प्रभाव से ओडिशा से लेकर राजस्थान तक अच्छी वर्षा होगी। बिलासपुर में कल शाम रात से 19 जुलाई तक लगातार रुक-रुककर झड़ी जैसी स्थिति बन सकती है। इसके बाद 21 जुलाई तक बिना गरज-चमक के मध्यम से भारी वर्षा की संभावना है।