जिसने कोचिंग कराकर कॉन्स्टेबल बनाया, उसी पति की हत्या: ढाई साल से शादीशुदा पुलिसवाले से नाजायज रिश्ता, उसे मुंहबोला भाई कहती थी

मुख्य समाचार
Share with Social Media

भरतपुर – सीआरपीएफ (सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स) में तैनात महिला कॉन्स्टेबल ने अपने शादीशुदा प्रेमी कॉन्स्टेबल के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी । प्रेमी भी सीआरपीएफ में तैनात है, जबकि महिला का पति गांव में खेतीबाड़ी करता था।

दोनों के बीच ढाई साल पहले अफेयर शुरू हुआ था। महिला कॉन्स्टेबल पूनम जाट (32) प्रेमी रामप्रताप को मुंहबोला भाई बताती थी।

जब दोनों के अफेयर का पति संजय को पता चला तो उसने पूनम के साथ मारपीट की। इसके बाद पूनम ने रामप्रताप के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची। दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

पूरा परिवार सदमे में है। संजय के पिता मनीराम बोले- यकीन नहीं हो रहा है, जिस लड़की को मेरे बेटे ने पढ़ाकर कॉन्स्टेबल बनाया, उसी ने उसकी हत्या कर दी नौवीं पास थी, जब शादी होकर इस घर में आई थी। मेरा बेटा किसान था, लेकिन पत्नी को कोचिंग करवाकर सरकारी नौकरी लगवाई।

पढ़िए- कैसे पत्नी ने 13 साल पुरानी शादी का गला दुपट्टे से घोंट दिया

मनीराम ने बताया कि मेरे तीन बेटे संजय, अजय और भवानी की शादी 2010 में एक ही परिवार में हुई थी। अपनी तीनों बहनों में पूनम सबसे बड़ी है। संजय बीमार रहता था। शुरू से उसके दोनों पैरों में परेशानी थी, इसलिए वह खेतीबाड़ी देखता था। दूसरा बेटा अजय प्राइवेट नौकरी करता है और सबसे छोटा बेटा भवानी आर्मी में है।

संजय ने ही पूनम से आगे की पढ़ाई करके सरकारी नौकरी के लिए कोशिश करने के लिए कहा। पूनम की दो बहनें भी इसी घर की बहू थीं तो कहीं न कहीं आपसी सहमति मुश्किल थी। संजय ने जैसे-तैसे परिवार को मना लिया और पूनम को आगे की पढ़ाई शुरू करवाई।

इस दौरान 2010 से 2014 के बीच उनके दो बच्चे हुए। इन दोनों बच्चों को संजय और परिवार ने मिलकर संभाला। 12वीं की पढ़ाई पूरी होने के बाद 2013 में सीआरपीएफ की भर्ती निकली तो खुद संजय ने बताया कि वह इसकी तैयारी शुरू कर दे। इससे पहले भी एक-दो एग्जाम में संजय पूनम के साथ गया था। 2014 में पूनम सीआरपीएफ के लिए सिलेक्ट हो गई।

ढाई साल पहले शुरू हुआ अफेयर

ढाई साल पहले श्रीनगर में पोस्टिंग के दौरान पूनम की मुलाकात CRPF में तैनात रामप्रताप गुर्जर से हुई | रामप्रताप बानसूर (अलवर) का रहने वाला है। पोस्टिंग के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। इसके बाद पूनम दिल्ली आ गई और राम प्रताप नागालैंड चला गया। इस दौरान दोनों के बीच फोन पर बात होती रहती थी।

अफेयर के बाद दो फोन रखने लगी

पूनम दो फोन रखती थी। एक फोन रामप्रताप से बात करने के लिए ही इस्तेमाल करती थी। इस फोन के बारे में ससुराल वालों को पता ही नहीं था ।

ससुराल आती तो भी चोरी-छिपे रामप्रताप से बात करती । इस दौरान एक दिन ससुराल वालों ने उसे रामप्रताप से फोन पर बात करते देख लिया। पूनम की दोनों बहनों और पति संजय ने रामप्रताप के बारे में पूछा तो वह कहने लगी कि उसका मुंह बोला भाई है। पूनम की दोनों बहनों को शक हुआ तो उन्होंने भी उसे रामप्रताप से बात करने के लिए मना किया।

संजय ने की थी पिटाई, इसके बाद से बनाई प्लानिंग

पूनम के फोन से खुलासा हो गया था कि उसका रामप्रताप के साथ अफेयर है। इसके बाद संजय भी परेशान रहने लगा। पूनम को बात करने से मना किया तो दोनों में विवाद हो गया।

पति को फोन कर दिल्ली बुलाया

पूनम ने अपने पति संजय को फोन कर 31 जुलाई को मिलने के लिए दिल्ली बुलाया। संजय दिल्ली पहुंच गया। दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर पूनम अपने प्रेमी राम प्रताप के साथ कार में इंतजार कर रही थी। पूनम ने अपने पति संजय को कार में बैठाया और दुपट्टे से उसका गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या करने के बाद पूनम अपनी यूनिट में चली गई।

वर्दी में ही शव लाया था बानसूर

खोह थाना अधिकारी गिर्राज प्रसाद ने बताया कि पूनम रामप्रताप ने जब संजय की हत्या की थी, तब रामप्रताप अपनी CRPF की वर्दी में था। रामप्रताप संजय की हत्या करने के बाद उसके शव को अपनी कार की डिग्गी में रखकर बानसूर ले गया। रामप्रताप ने यह प्लान किया हुआ था अगर रास्ते में कोई पुलिस की नाकाबंदी भी मिलेगी तो उसकी वर्दी देखकर कोई उसकी कार को रोकेगा नहीं, जिससे वह आराम से शव को दिल्ली से बानसूर तक ले गया।

रामप्रताप शव को लेकर देर रात बानसूर पहुंचा। यहां उसने विवेकानंद स्कूल के पीछे शव को दफना दिया। रामप्रताप अकेला ही था, इसलिए ज्यादा गहरा गड्ढा नहीं खोद पाया। शव को दफनाने के लिए रामप्रताप ने सिर्फ 2 2.5 फीटा का गड्ढा खोदा । शव दफनाने के बाद उसके ऊपर मिट्टी और कचरा डाल दिया। खोह थाना अधिकारी गिर्राज प्रसाद ने बताया कि रामप्रताप 20 दिन की छुट्टी पर आया हुआ था। वह भी शादीशुदा है और उसके 2 बच्चे हैं।

ससुरालवालों से बोली- संजय दिल्ली आया ही नहीं

इधर, जब माता-पिता की संजय से बात नहीं हुई तो उन्होंने

पूनम से पूछा। पूनम ने कहा कि वह दिल्ली आया ही नहीं है। संजय का कहीं पता नहीं चला तो घरवालों ने उसकी तलाश शुरू की। उन्होंने पूनम को घर आने को कहा तो वह बहाने बनाने लगी।

2 अगस्त को परिवार वाले पूनम को लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए, लेकिन वहां भी पूनम छुट्टी न मिलने का बहाना बनाने लगी। तब पूनम के परिजनों ने CRPF के CO को संजय के लापता होने के बारे में बताया। सीओ ने पूनम को घर जाने को कहा तो वह आनाकानी करने लगी। इसके बाद घरवालों को शक होने लगा। परिजन पूनम को घर ले आए और 4 अगस्त तक संजय के बारे में पूछते रहे, लेकिन वह अनजान बनती रही।

4 अगस्त को संजय के पिता ने करवाया गुमशुदगी का मामला दर्ज

संजय के पिता मनीराम ने 4 अगस्त को खोह थाने में संजय की गुमशुदगी का मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पूनम से पूछताछ की और फोन की डिटेल्स खंगाली। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो पूनम ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

इसके बाद पुलिस टीम 5 अगस्त को बानसूर पहुंची और रामप्रताप को डिटेन किया। पुलिस ने रामप्रताप की निशानदेही पर संजय के शव को विवेकानंद स्कूल के पीछे ग्राउंड से बरामद कर लिया।

5 अगस्त को पिता मनीराम की ओर से दोबारा खोह थाने में पूनम और उसके प्रेमी रामप्रताप के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया गया। पिता ने रिपोर्ट में बताया था कि रामप्रताप और पूनम के अवैध संबंध हैं। अवैध संबंधों के चलते पूनम ने मेरे बेटे संजय को दिल्ली बुलाया।

पूनम के बुलाने पर संजय 31 जुलाई को सुबह 8 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गया। 31 जुलाई को संजय से उसके पिता की 5 बजे तक बात हुई थी। जब संजय मेट्रो में था, उसने आखिरी बार अपने पिता को कहा था कि वह पूनम के पास पहुंच कर बात करेगा। इसके बाद संजय से हमारी बात नहीं हुई

पूनम और संजय के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ी बेटी सुहाना 13 साल की है और 7वीं क्लास में पढ़ती है। दूसरे नंबर पर इंद्रजीत 10 साल का है और पहली क्लास में पढ़ता है। तीसरा अमरजीत 6 साल का है और LKG में है।